स्वास्थ्य

गर्भावस्था में बार-बार टॉयलेट आना बड़ी समस्या है, जानें इसका इलाज

जब कोई महिला गर्भवती (प्रेग्नेंट) होती है तो उन्हें गर्भावस्था के पहले महीने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य (स्वास्थ्य) के प्रति बहुत ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है। यदि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखते हैं, तो इसका बुरा असर गर्भ में पल रहा शिशु पर पड़ सकता है। कई महिलाओं को गर्भावस्था के समय बार-बार टॉयलेट (शौचालय) आने की समस्या होती है। यह उनके लिए काफी परेशानी भरा हो सकता है। बार-बार पेशाब आने के कारण उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पाती है, लेकिन कुछ उपायों की मदद से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। आइए जानते हैं कि ये उपाय के बारे में हैं।

कैफीनयुक्त पदार्थ से करें परहेज

शायद इस बात की जानकारी बहुत ही कम लोगों को होती है कि कैफीन युक्त पदार्थों के सेवन से पेशाब बार आने की समस्या होती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को चाय या कॉफी जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए।पेशाब करते समय बॉडी पॉश्चर का ध्यान रखें

पेशाब करते समय गर्भवती महिलाएं अपने शरीर की मुद्रा का रख नहीं रखती हैं। पेशाब करते समय शरीर को आगे की ओर झुकाना चाहिए, इससे मूत्राशय पूरी तरह से खाली होगा, जिससे संभवत: बार-बार पेशाब की समस्या दूर होगी।

रात में सोने से पहले कम मात्रा में पिएं पानी

कई गर्भवती महिलाओं में रात के समय बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, जिसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। ऐसे में रात में सोने से पहले पानी का कम सेवन करें, इससे रात में बार-बार पेशाब नहीं आएगी।

एक्सरसाइज भी फायदेमंद है

शरीर की पेल्विक फ्लोर (श्रोणि का सबसे कम हिस्सा) की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज की जा सकती है। इसके लिए कीगेल एक्सरसाइज असरदार है। बार-बार पेशाब निकलने की समस्या ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में छींकने, खांसने या हंसते समय होती है, ऐसे में कीगेल एक्सरसाइज की वजह से पेल्विक फ्लोर की सिद्धांतोंियां कुछ समय में ठीक हो जाती हैं।

पेय पदार्थों का सेवन आवश्यक

गर्भवती महिलाओं को अगर बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है, तो वे यह सोचकर तरल पदार्थों का सेवन कम कर रहे हैं कि इससे उन्हें पेशाब आना कम हो जाएगा। ऐसा करना गलत होगा, क्योंकि इससे महिलाओं में यूरिन संक्रमण की समस्या हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर उनके शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु की थैली भी सिकुड़ सकती है और बच्चे पर प्रभाव पड़ सकता है।

खूब लेंड और पौष्टिक आहार

गर्भावस्था में पौष्टिक और संतुलित आहार लेने से शरीर को कई प्रकार से फायदा हो सकता है। पौष्टिक आहार में सभी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल युक्त आहार लेना चाहिए। इससे शरीर में पोषण तत्वों की कमी नहीं होती है, जबकि दूसरी ओर गर्भवती महिला के शिशु का विकास भी अच्छी तरह से होता है। गर्भावस्था के दौरान आयरन और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, गर्भावस्था में बार-बार पेशाब आना पढ़ें।न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।




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