स्वास्थ्य

बुखार में बहुत काम आता है किशमिश, जानें इसके घरेलू नुस्खों के बारे में

बुखार (बुखार) ठीक करने में किशमिश (किशमिश) बेहद फायदेमंद होता है। इसमें फेनोलिक फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, साथ ही इसमें कई एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद होते हैं। myUpchar के अनुसार, कर्कमिश संक्रमण से लड़ने में दवा के रूप में कार्य करता है। इसके उपयोग के लिए आधा कप पानी में 20-25 किशमिश को लगभग एक घंटे के लिए भिगो दें। इस किशमिश को पानी में पीस लें और फिर इसे छान लें। इसके बाद इसमें नींबू का रस मिला। इस मिश्रण को दिन में दो बार फिर तब तक लेना चाहिए, जब तक फू न हो जाए। हालांकि बुखार ठीक करने के लिए ऐसे कई घरेलू उपायों का अपनाया जा सकता है।

बुखार में असरदार दवा है हल्दी का दूध

हल्दी में लिन कम करने वाले गुण मौजूद हैं। हल्दी में कर पुतिन नामक तत्व होता है, जिसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल जैसे सभी गुण शामिल हैं। हल्दी को गर्म दूध में मिलाकर रात को सोने से पहले नियमित रूप से पीने से बुखार ठीक हो सकता है।बुखार में सिरदर्द को दूर करता है चंदन

चंदन में शीतलता होती है, इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह शरीर और मस्तिष्क को ठंडा रखने का कार्य करता है। बुखार में सिरदर्द की समस्या होती है, इसके लिए चंदन का उपयोग बेहद प्रभावी है। आधा चम्मच चंदन पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर इस मिश्रण को माथे पर लगाएं, इससे सिरदर्द कम करने में मदद मिलती है।

च में प्रभावी पुदीने की पत्तियां

चंदन की तरह पुदीने की पत्तियों की भी तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर के तापमान को कम करने में सहायक है। एक कप गर्म पानी में एक चम्मच पिसी हुई पुदीने की पत्तियों को मिलाएं और इसे 10 मिनट के लिए उबाल लें। इसके बाद इस मिश्रण को छानने के लिए लें और थोड़ा सा शहद मिलाएं। इसका सेवन रोज 3-4 बार करें, इससे बुखार से राहत मिलेगी।

बुखार में एरिक औषधि के रूप में करें अदरक का सेवन

अदरक में प्राकृतिक रूप से एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे कई प्रकार के संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है। एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच पीसी हुई अदरक डालकर उसे उबाल लें। फिर इसे छानकर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में तीन से चार बार चाय की तरह पिएं, इससे बुखार और बुखार की वजह से होने वाले सिरदर्द से राहत मिलेगी।

तुलसी की चाय एंटी बायोटिक गुणों से भरपूर है

myUpchar के अनुसार, बुखार में कृत्रिमयोटिक दवा दी जाती है, जिससे बुखार कम होता है। वही, तुलसी में प्राकृतिक रूप से जैविकयोटिक गुण होते हैं, जो बुखार कम करने में मदद करते हैं। तुलसी की चाय बनाने के लिए एक कप पानी में 20 तुलसी की पत्तियां और एक चम्मच पिसी हुई अदरक को अच्छी तरह उबाल लें। जब तक यह आधा ना हो जाए, तब तक इसे उबालते रहें। अब इसे छानकर इसमें थोड़ा सा शहद शामिल है जिसमें नियमित रूप से दो से तीन गुना पियां, शरीर का तापमान सामान्य होने में मदद मिल सकती है।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, बुखार पढ़ें। न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।




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