स्वास्थ्य

स्ट्रोक की रोकथाम से जुड़े ये 5 टिप्स जरूर अपनाएं, स्वस्थ रहें

केवल भारत में ही नहीं बल्कि इतिहास में लोगों में होने वाली विकलांगता और मृत्यु के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है- स्ट्रोक (स्ट्रोक)। विश्व स्ट्रोक डे (विश्व स्ट्रोक दिवस) हर साल 29 अक्टूबर को मनाया जाता है ताकि लोगों को जागरूक करने के साथ ही वैश्विक स्तर पर इस बात को भी चिन्हित किया जा सके कि स्ट्रोक को बेहतर तरीके से रोका जा सकता है। साथ ही जो लोग स्ट्रोक से पीड़ित हैं उन्हें बेहतर देखभाल प्रदान की जा सकती है। स्ट्रोक की समस्या तब होती है जब मस्तिष्क (मस्तिष्क) को होने वाली खून की आपूर्ति बंद हो जाती है या किसी कारण से अवरुद्ध हो जाती है। खून की स्थिर आपूर्ति के बिना, मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती हैं। ऐसी स्थिति में अगर समय पर इलाज या चिकित्सीय सहायता न मिली तो ब्रेन धीरे-धीरे मृत होने लगता है और उसके साथ ही शरीर भी। एक बार जब स्ट्रोक हो जाता है, उसके बाद उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ये लक्षण पुरुषों और महिलाओं में बिलकुल अलग-अलग तरह से नजर आते हैं।

स्ट्रोक के जोखिम कारक क्या हैं?
वैसे तो किसी व्यक्ति की बढ़ती उम्र उसे स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है, लेकिन हकीकत ये है कि स्ट्रोक की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है अगर आपकी सेहत अच्छी न रहती हो तो। स्ट्रोक के कुछ प्रमुख जोखिम कारक निम्नलिखित हैं:

  • हाई ब्लड प्रेशर
  • डायबिटीज
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • हृदय रोग
  • धूम्रपान
  • मस्तिष्क धमनीविस्फार
  • स्ट्रोक का पारिवारिक इतिहास

स्ट्रोक की रोकथाम या इससे बचने के तरीके

अगर आप अपनी सेहत को शुद्धता से लेते हैं और ऊपर बताए गए जोखिम कारकों को नियंत्रित रखते हैं तो स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यहाँ हम आपको कुछ ऐहतियाती कदमों के बारे में बता रहे हैं जिनका पालन करके आप स्ट्रोक से बच सकते हैं –

1. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें
पुरुषों और महिलाओं के दोनों में हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक के सबसे बड़े कारणों में से एक है। ऐसे में यदि आप स्ट्रोक की घटना को रोकना चाहते हैं तो 120/80 से कम रक्त को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और संयमित आहार का सेवन करना, एक्सरसाइज करना, धूम्रपान न करना और शराब के सेवन से बचना- ये कुछ ऐसे आवश्यक कदम हैं जिनका पालन आपको जरूर करना चाहिए।

2. स्वस्थ वजन बनाए रखें
अधिक वजन और मोटापा, ये दोनों ही चीजें न केवल हाई बीपी के लिए बल्कि स्ट्रोक के लिए भी महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि यदि आप ओवरवेट हैं, तो महज कुछ किलो वजन घटाने से भी स्ट्रोक के जोखिम में महत्वपूर्ण कमी की जटिलताओं है। हर दिन कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, संतुलित आहार खाएं, हर रात पर्याप्त नींद लें और तनाव को दूर रखें- ये सभी चीजें आपको वजन कम करने और स्ट्रोक को दूर रखने में मदद कर सकती हैं।

3. ब्लड शुगर को सुरक्षित करें
डायबिटीज होना, प्रीडायबिटिक होना या सामान्य से थोड़ा बहुत अधिक ब्लड शुगर हो जाए तो इससे भी आपके रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर की समस्या रही तो धमनियों और नसों को नुकसान पहुंचता है और यह बदले में स्ट्रोक के जोखिमों को बढ़ा सकता है। इसलिए, यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप स्वस्थ आहार का सेवन करें और अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।

4. तम्बाकू और शराब की आदत
शराब, सामान्य रूप से आपके ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि शराब से परहेज करना एक अच्छा आइडिया हो सकता है। यदि आप अल्कोहल का सेवन करते हैं, तो महिलाएं रोजाना एक गिलास और पुरुष रोजाना 2 गिलास तक खुद को सीमित रखें। इसी तरह, तंबाकू का सेवन और धूम्रपान भी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और खून के थक्के जमा हो सकता है। इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सिगरेट की लत छोड़ने की सिफारिश की जाती है।

5. इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
ज्यादातर मामलों में स्ट्रोक होते हैं, बढ़ जाते हैं और मृत्यु का भी कारण बनते हैं क्योंकि लोग स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए लक्षणों की पहचान करना और तुरंत सहायता प्राप्त करना आवश्यक है, फिर चाहे स्ट्रोक आपको हुआ हो या फिर आपके आसपास मौजूद किसी व्यक्ति को।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक स्ट्रोक के कारण, लक्षण, इलाज । वहां में न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।




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