स्वास्थ्य

पटाखे या दिए जलाते जब जल जाओ तो फ़ौरन इन आयुर्वेदिक नुस्खों को अपना

दिवाली (दिवाली 2020), भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। लगभग सप्ताह भर तक चलने वाला यह उत्सव रंग, रोशनी और मिठाइयों से भरा होता है। हालाँकि, इस दौरान देश में बर्न्स यानी जलने से जुड़े मामलों में भी काफी वृद्धि देखने को मिलती है। वैसे तो बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पिछले कई वर्षों से पटाखे न जलाने की अपील की जा रही है, बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग दिवाली पर पटाखे जलाते हैं। ऐसे में पटाखों और दीयों का अगर लापरवाही से उपयोग किया जाए तो हल्के से लेकर गंभीर तक की घटनाएं हो सकती हैं।

गर्म धातु, करंट, स्टीम या आग के संपर्क में आने पर त्वचा जल जाती है जिससे टीशू को नुकसान पहुंचता है और इसे जलने की कैटिगरी में रखा जाता है। यदि आपने प्रभावित क्षेत्र पर कपड़ा पहना हुआ है तो वह गर्मी को बाहर निकलने का कारण नहीं देता है और नुकसान हो सकता है। ऐसे में फर्स्ट एड और कुछ घरेलू नुस्खे जलने के हल्के मामलों में नुकसान को कम करने और गंभीर मामलों में जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।

फर्स्ट एड जलने की डिग्री पर निर्भर करता हैफर्स्ट डिग्री जलन के लिए फर्स्ट एड: फर्स्ट डिग्रीलिंग में सिर्फ स्किन की बाहरी सतह (एपिडर्मिस) का संक्रमण होता है। ये जलन लालिमा और सूजन के रूप में दिखती है और 3 से 5 दिन के अंदर अपने आप ठीक हो जाती है। इस दौरान किसी तरह का चीला, फफोला या चोट के निशान नहीं होते। इस तरह के लिए:

  • जली हुई जगह को पानी के नीचे कुछ देर रखें या फिर गीली या ठंडी पट्टी को प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
  • एक बार जब दर्द कम हो जाए उसके बाद शिशु हिस्से को गॉज या ड्रेसिंग से ढंक दें।
  • अपने मन से किसी तरह की माँ या औंटमेंट न पाते, इंफेक्शन हो सकता है।
  • अगर जलने की यह घटना किसी बच्चे के साथ हुई हो तो तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले जाना।

सेकंड डिग्रीिंग के लिए फर्स्ट एड: स्किन की ऊपरी सतह एपिडर्मिस के साथ ही उसके नीचे मौजूद टीशूज जिसे डर्मिस कहते हैं जब वह भी जलन से प्रभावित होता है तो उसे सेकंड डिग्री बर्न कहते हैं। इस तरह की जलन में तेज दर्द होता है और छाले या फफोले भी हो जाते हैं। उनमें ठीक होने में भी 10 से 20 दिन का समय लगता है और उनके निशान भी बने रहते हैं। इसके लिए:

  • सबसे पहले आंतरिक हिस्से को ठंडे बहते पानी के नीचे 10 मिनट तक रखें या ठंडी पट्टी खोजें।
  • धूप वाले हिस्से को साफ और सूखे कपड़े से पोंछकर उसके ऊपर गॉज लगा दें लेकिन अपने मन से कोई क्रीम या ऑइंटमेंट न मिले। साथ ही छालों को फोडने की कोशिश न करें।
  • सेकंड डिग्री बर्न कम हिस्से में हो या फिर ज्यादा हिस्सा जल गया हो, डॉ से संपर्क करना जरूरी होता है।

थर्ड डिग्रीिंग के लिए फर्स्ट एड: इस तरह की जलन की घटना में एपिडर्मिस, डर्मिस और उसके नीचे की सतह भी प्रभावित हो सकती है। इस तरह की जलन में त्वचा का रंग भूरा या काला हो सकता है और यह जलन की सबसे गंभीर समस्या होती है जिसमें रोगी को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होती है। फर्स्ट एड के तौर पर आप निम्नलिखित चीजें कर सकते हैं:

  • धूप वाले हिस्से को किसी साफ कपड़े से ढंक दें लेकिन ऐसा फैब्रिक न हो जो स्किन से चिपकाया जाए।
  • Inf हिस्से पर किसी तरह की क्रीम या ऑइंटमेंट न लगाएं।
  • जहां तक ​​संभव हो मरीज को कंफर्टेबल बनाने की कोशिश करें।

इर्ल की घटना होने पर उनका एवियनों में एंब्रायडरी प्रिस्क्रिप्शन है

दिवाली के मौके पर अक्सर दीयों या पटाचों की वजह से कई बार छोटी मोटी चोट लग सकती है या स्किन जल सकता है। ऐसे में स्किन पर छाले या फफोले होने से रोकने के लिए और स्किन को ठंडक पहुंचाने के लिए आप इन आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों को अपना सकते हैं जिनका कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं हैं।

1. शहद: शहद एक बेहतरीन किचन इन्ग्रीडिएंट है जो हल्की जलन की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। शहद की एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी हीलिंग यानी जलन के ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करता है। आप चाहें तो जलन से प्रभावित स्किन पर सीधे शहद लगा सकते हैं या फिर उसे ठंडे पानी में मिक्स करके दिन में कई बार लगा सकते हैं।

2. खीरा: खीरा भी धूप वाले हिस्से पर ठंडक पहुंचाने का काम करता है। इसके लिए खीरे को अच्छी तरह से मैश करके उसका गूदा बना लें और अगर संभव हो तो फ्रिज में रखा खारी यूज करें। इससे जलने की संवेदना जो महसूस होती है उसमें तुरंत राहत मिलेगी। अगर खीरे को मसलने का समय न हो तो खीरे के स्लाइस को भी प्रभावित हिस्से पर रख सकते हैं।

3. एलोवेरा: जलन के एहसास को दूर करके स्किन में ठंडक पहुंचाने में मदद करता है एलोवेरा। शहद की ही तरह एलोवेरा में भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और ऐंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है और प्रभावित हिस्से में किसी भी तरह के बैक्टीरियल इंफेक्शन को होने से रोकती है। एलोवेरा जेल को जलन वाले हिस्से पर लगाने से यह घाव के भरने की प्रक्रिया को तेज करता है।

4. ठंडा दूध: ठंडा दूध भी मामूली जलने की घटनाओं में राहत दिलाने वाला सबसे अच्छा प्राकृतिक और घरेलू मिश्रण है। इसके लिए एक बाउल में ठंडा दूध लें या फिर दूध के साथ उसमें बर्फ डालें। अब एक साफ कपड़ा या रूई को उस ठंडे दूध में भिगोएँ और जलने वाले हिस्से पर 10 मिनट तक रखें। ऐसा करने से दर्द और लालिमा दोनों कम हो जाएंगे। साथ ही चीले होने की आशंका भी कम हो जाएगी।

5. आलू: मामूली बर्न के मामले में आलू का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आलू में भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होता है जो जलन की अनुभूति को कम करके प्रभावित हिस्से पर ठंडक होने में मदद करता है। इसके लिए आलू को बीच से काटें और जलने वाले हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़ें। आलू में मौजूद स्टार्च जलन को कम करके प्रभावित हिस्से पर निशान बनने से भी रोकता है। (अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक जलने पर क्या करें, प्राथमिक उपचार के बारे में पढ़ें।) (न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी परिवर्तनों के बारे में आते हैं।)




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button