स्वास्थ्य

अमेरिका: पुरुषों में जानलेवा बीमारी ‘वेक्सास’ फैलने का खतरा! नियमित बुखार सहित सामने आया ये लक्षण

अमेरिका में 125 मिलियन लोग इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं।

वैज्ञानिकों को मध्यम आयु वर्ग के तीन पुरुषों के जीनोम में समान उत्परिवर्तन की पहचान हुई, जिसे यूबीए 1 (यूबीए 1) कहा गया है। इसके बाद के वैज्ञानिकों को 22 और भिन्नताओं में इसकी पहचान हुई।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:29 अक्टूबर, 2020, 3:19 बजे IST

वॉशिंगटन। अमेरिका (अमेरिका) में वैज्ञानिकों (वैज्ञानिकों) को अध्ययन (अध्ययन) के दौरान उस आनुवांशिक बीमारी (जेनेटिक्स डिसीज) का पता लगा लिया गया है जिससे हजारों लोग अपनी जान गवां रहे थे। इस बीमारी के 40 प्रति रोगियों में नसों में रक्त के थक्के जमना, नियमित बुखार और फेफड़ों में परेशानी जैसे लक्षण सामने आए थे, जो इन सबकी की मौत का कारण बन गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के शोधकर्ताओं ने इस बीमारी को ‘वेक्सास’ (वेक्सास) नाम दिया है।

अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने इसी तरह के लक्षणों वाले लोगों को पूरीहीकृत करने और खोजने के बजाय 2,500 लोगों के आनुवांशिकी संकाय की खोज की जो उनकी गैर-नैदानिक ​​सूजन की गहन समस्याओं के व्यापक लक्षणों से जुड़े हैं। NHGRI में क्लिनिकल फेलो डॉ। डेविड बी। रैक ने कहा, हमारे पास कई ऐसे मरीज थे जो गैर-नैदानिक ​​सूजन की समस्याओं से पीड़ित थे और हम उनका इलाज करने में असमर्थ थे। हमने इस बीमारी का इलाज करने के लिए विपरीत तरीके को अपनाया, हमनें लक्षण पर गौर न करते हुए इसका इलाज के लिए इसकी मूलवांशिक रूप से पहचान की। फिर हमने व्यक्तिगत रूप से जीनोम का अध्ययन किया और परिणाम आपके सामने है। ‘

महिलाओं को कोई डर नहीं है
इस प्रकिया का इस्तेमाल कर, आखिरकार वैज्ञानिकों को मध्यम आयु वर्ग के तीन पुरुषों के जीनोम में समान उत्परिवर्तन की पहचान हुई, जिसे यूबीए 1 (यूबीए 1) कहा जाता है। इसके बाद के वैज्ञानिकों को 22 और भिन्नताओं में इसकी पहचान हुई। जिसमें बुखार और रक्त के थक्के जमने जैसे लक्षण भी देखे गए। लेकिन शोधकर्ताओं को संदेह है कि वेक्सस बीमारी केवल पुरुषों में ही देखी गई है क्योंकि यह एक्स गुणसूत्रों (एक्स क्रोमोसोम) से जुड़ी है जो पुरुषों में केवल एक ही होता है। ऐसे में महिलाओं में इसकी संख्या ज्यादा होने की वजह से वे सुरक्षित हैं।

वैज्ञानिकों की नई खोज उपयोगी

इस शोध के एक लेख में छिंग के बाद से 25 और रोगी पाए गए हैं, लेकिन शोध के स्क्रिप्ट का कहना है कि इनकी संख्या और बहुत अधिक हो सकती है। एनबीएस की एक खबर के अनुसार, अमेरिका में 125 मिलियन लोग इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। लेख में केवल छपे शोध टीम से अलग लेहड और मैरी क्लयेर किंग के एक शोधकर्ता डॉ। फ्रेट ने कहा कि इस स्थिति में वैज्ञानिकों की यह नई खोज इस बीमारी के सुगम इलाज के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।




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