स्वास्थ्य

आयोडीन की कमी होने पर शरीर देता है यह 5 संकेत, पहचान और इलाज लें

आयोडीन (आयोडीन) की कमी अगर लंबे समय तक बनी रही तो इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं (गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं) पैदा हो सकती हैं। एक वयस्क को रोजाना लगभग 150 माइक्रोग्राम आयोडीन का सेवन करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए 220-290 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है। आयोडीन थायराइड (थायराइड) के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी कमी ग्रंथि के विकास को प्रभावित कर सकती है। इससे हाइपोथायरायडिज्म का खतरा होता है। आयोडीन युक्त नमक इसका सबसे सरल स्रोत है। आयोडीन की कमी होने पर शरीर संकेत देता है, जिसे पहचान कर उचित समय पर उचित इलाज जरूरी है। जानिए इसी के बारे में-

थकान और अवसाद: आयोडीन एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो शरीर के हर ऊतक में मौजूद होता है। आयोडीन सीधे थायरायड ग्रंथि से जुड़ा हुआ है। आयोडीन की कमी के कारण ग्रंथि पर्याप्त थायराइडर्म नहीं बना पाएगी और हाइपोथायरायडिज्म का कारण बनती है। उदासी, थकान, भार बढ़ना, कब्ज आदि हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण हैं। myUpchar के अनुसार हाइपोथायरायडिज्म किसी व्यक्ति में कैलोरी घटाने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। कम ऊर्जा का मतलब है मांसपेशियों का ठीक तरह से काम न कर पाना और इस स्थित में कमजोरी महसूस होने लगती है।

ये भी पढ़ें – आईवीएफ (आईवीएफ) तकनीक के जरिए बनना चाहते हैं माता-पिता, जान लें ये बातेंबाल का झड़ना और रूखी त्वचा: आयोडीन की कमी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बनती है। त्वचा का सूखना, बालों का झड़ना, इसके प्रमुख लक्षण में शामिल हैं। थायराइडॉर्म के कारण शरीर में नए बाल उगते हैं, लेकिन थायराइडॉर्म की कमी के कारण यह पूरी तरह बंद हो जाता है। उसी तरह थायराइडॉर्म नई कोशिकाओं के बनने में भी मदद करता है। हार्म की कमी से कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और कई बार त्वचा पर रूखापन या पपड़ी जमा हो जाती है।

ध्यान और एकाग्रता में कमी: आयोडीन की कमी मस्तिष्क के कामकाज को भी प्रभावित करती है, जिसमें ध्यान केंद्रित होने में कठिनाई होती है यानी रोगी एकाग्र नहीं हो पाते हैं। यदि यह लक्षण अन्य संकेतों के साथ दिखाई देता है, तो आयोडीन की कमी के लिए टेस्ट करवाना चाहिए।

गर्दन में सूजन: आयोडीन की कमी से गर्दन में सूजन की समस्या दिख सकती है। यह इसलिए होता है क्योंकि थायराइड ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है। जब ग्रंथि को पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं मिलता है तो खाद्य पदार्थों से ज्यादा मात्रा में आयोडीन अवशोषित करने की कोशिश करता है। इस कारण से ग्रंथि का आकार बढ़ता है और गर्दन सूजी नजर आती है।

ठंड लगना: आयोडीन की कमी से मेटबॉलिक रेट कम होने लगता है और ऊर्जा कम बनती है। नतीजन शरीर की कमजोरी महसूस करती है और ठंड ज्यादा महसूस होती है।

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आयोडीन की कमी का संदेह हो तो क्या करें
आयोडीन की कमी की आशंका होने पर थायराइड की जांच करवाई जा सकती है। खून की जांच के जरिए आयोडीन की कमी का पता लगाया जाता है। अगर शरीर में प्राकृतिक रूप से खुद आयोडीन नहीं बन पाता है तो इसकी पूर्ति करने का एकमात्र तरीका खाद्य पदार्थ ही हैं। myUpchar से जुड़े डॉ। लक्ष्मीनता शुक्ला का कहना है कि आयोडीन के अच्छे स्रोत में अनाज, दालें, दूध, मछली और सी खाद्य हैं। मांस और अंडों में भी कुछ मात्रा में आयोडीन होता है। इसके अलावा आलू, दूध, मुनक्का, दही, ब्राउन राइस, लहसुन, मशरूम, पालक और आयोडीन नमक भी अच्छे स्रोत हैं। बेहतर होगा कि आयोडीन की कमी के इन लक्षणों पर जरूर ध्यान दें ताकि समय पर उपाय शुरू हो सके।

अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, आयोडीन के स्रोत, फायदे और नुकसान पढ़ें।

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