स्वास्थ्य

सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए भोजन कैसा होना चाहिए, न्यूट्रिशनिस्ट दे रहे हैं टिप्स

हर मौसम की ही तरह सर्दी में भी सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं जैसे- बुखार, कंपकंपी महसूस होना, खांसी, जुकाम और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियां होना आम बात है। इसके अलावा डॉन स्किन और त्वचा से जुड़ी कई और कठिनाईयां भी ठंड के मौसम में होती हैं। वैसे तो दुनिया के बाकी देशों से तुलना करें तो भारत के ज्यादातर हिस्सों में बहुत ज्यादा ठंड नहीं पड़ती लेकिन फिर भी सूरज की रोशनी और विटामिन डी की कमी की वजह से लोगों में डिप्रेशन, सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर और कई और तरह की मानसिक नुकसान देखने को मिलते हैं। मिलते हैं।

मुख्य रूप से यही कारण है जिसकी वजह से हमें अपने नियमित डाइट की तुलना में सर्दियों के मौसम में भोजन में कुछ बदलाव करना चाहिए, ताकि हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूती मिल सके और हम बीमार पड़ने से बच जाएं। माइ ट्रीटमेंट से जुड़ीं न्यूट्रिशन और वेलनेस एक्सपर्ट आकांक्षा मिश्रा से हमने इस बारे में बात की और उनके बारे में पूछा कि आखिर वे कौन से 10 खाद्य पदार्थ हैं, जिनका ठंड के मौसम में हमें ज्यादा सेवन करना चाहिए।

1. सूखे मेवे और बीज: आकांक्षा कहती हैं, “सर्दियों के दौरान अलग-अलग तरह के मेवे और बीजों को अपनी डाइट में शामिल की कोशिश करें। ड्राई फ्रूट्स हमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन ई, विटामिन सी, ओमेगा -3 फैटी एसिड, फोलेट और एंटीऑक्सिडेंट्स देते हैं। क्या जो शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ ही इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं। एक मोड़ बादाम और अखरोट खाकर अपने दिन की शुरुआत करें। इसके साथ ही आप घर पर ही इन मेवों और बीजों का इस्तेमाल कर मूंगफली की चिक्की, एनर्जी बार, मूंगफली या तिल का लड्डू आदि बना सकते हैं। आप इन खसखस, अलसी के बीज, भुना हुई मखाना और खजूर भी शामिल कर सकते हैं और जब भी कुछ हल्के स्नैक्स खाने का मन करे तो इनका सेवन कम करें। “

2. मूल बातें: शकरकंद, अरबी या जिमीकंद, शलगम, गाजर, चुकंदर ये कुछ ऐसी मौसमी सावधानियां हैं जो सर्दियों के दौरान मिलती हैं और एनर्जी का सबसे अच्छा स्रोत हैं। ये वजहें शरीर को गर्म तो रखती ही हैं, साथ ही इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन ए, विटामिन सी के अलावा आयरन और पोटैशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं जो शरीर को डीटॉक्स करने और बीमारियों से दूर रखने में मददगार हैं। आप चाहें तो इन सब्जियों को सलाद के रूप में, सूप में डालकर या फिर हल्का फ्राई करके भी खा सकते हैं।3. हरी मटर: ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा मिलने वाली सब्जियों में से एक है हरी मटर। मटर टेस्टी होने के साथ ही पोषण से भी बहुत होता है। मटर, कॉम्प्लेक्स मैग्ट्रेट्स, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन के और मैंग्नीज, फोलेट और आयरन का बेहतरीन स्रोत है। ये सभी पोषक तत्व मटर को त्वचा, नाखून, इम्यून सिस्टम और वजन घटाने के लिए उपयुक्त बनाते हैं। ऐसे में आप चाहते हैं तो मटर को सूप में डाल सकते हैं, उसे फ्राई करके खा सकते हैं, सब्जी बना सकते हैं, निमोना, हरी मटर की चाट, घुघनी- मटर की एक से एक वरायटी है जिसे आप विदर डाइट में जरूर शामिल करें।

4. मेथी: मटर की ही तरह एक और सब्जी जो सर्दियों में काफी दिखती है और वह मेथी है। न्यूट्रिशनिस्ट आकांक्षा मिश्रा का सुझाव है कि हमें अपनी नियमित डाइट में मेथी के समूहों और मेथी के दाने दोनों को अलग-अलग तरह से शामिल करना चाहिए। मेथी के पत्ते Fi और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं जो ब्लड शुगर और सीरम कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के साथ ही वजन घटाने में भी मदद करते हैं। तो वहीं, मेथी के दाने में फाइटोन्यूट्रिएंट्स प्रॉपर्टी होती है जो भूख को नियंत्रित करने के साथ ही इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है। मेथी के पत्तों से तो आप सब्जी, परांठे आदि बना सकते हैं और मेथी के दानों को अपनी चाय, स्प्राउट्स या सब्जी में डालकर यूज कर सकते हैं।

5. मसाले: मसाले किसी भी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा माने जाते हैं और कई अध्ययनों में यह बात साबित भी हो चुकी है कि काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, सोंठ, जीरा आदि मसाले एंटीऑक्सिडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं। ये मसल्स को अपनी डाइट में शामिल करने से आपकी पाचन क्रिया सही रहेगी, गले में दर्द या खराश की समस्या दूर होगी और कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा भी कम हो जाएगा। आप चाहें तो इन मसालों को काढ़े में, चाय में, सूप, सब्जी या दाल में डालकर रोजाना इनका सेवन कर सकते हैं।

6. हल्दी: हल्दी में कर्क्यूमिन होता है जो एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट प्रॉपर्टी के लिए जाना जाता है। लिहाजा औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी का रोजाना कम से कम आधा चम्मच सेवन जरूर करना चाहिए। आप चाहते हैं तो इस सुपरफूड को दूध में मिलाकर हल्दी वाला दूध पी सकते हैं या फिर सब्जी, दाल और अचार में डालकर खा सकते हैं।

7. ग्राम: हल्दी की ही तरह गुड़ भी एक सुपरफूड है जिसका सर्दियों में अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है। गुड़, वसा से जुड़ी एंजाइम्स को उत्तेजित करता है जिससे डाइजेशन में कठिनाई नहीं होती है, एसिडिटी, पेट फूलना और पेट में गैस की समस्याएं दूर होती हैं। इसके अलावा ग्राम खाने से कब्ज भी दूर होती है और सर्दी, खांसी, फ्लू और दूसरी बीमारियां जो ठंड के मौसम में सामान्य रूप से होती हैं, उन्हें खुद से दूर रखने में भी मदद मिलती है। लिहाजा आप चाहते हैं तो गुड़ की चाय बनाकर पी सकते हैं, लड्डू में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं, चिक्की बना सकते हैं और खाने के बाद मुंह मीठा करने के लिए भी ग्राम खा सकते हैं।

8. अकरक: अदरक चाहे कच्ची हो या सोंठ के रूप में- दोनों ही चीजें सर्दियों के दौरान शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती हैं। एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक और एंटी-गैस्ट्रिक प्रॉपर्टी की वजह से अदरक शोधन को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर रखता है। लिहाजा ठंड के मौसम में अदरक की चाय की चुस्की लें, उसे काढ़ा, चटनी, सब्जी और नमक में डालकर जरूर खाएं।

9. घनी: घी की तासीर गर्म होती है। इसमें कॉन्जुगेटेड लिनोलिक एसिड (सीवा) होता है जो फैट को बर्न द्वारा वजन घटाने में मदद करता है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में रोजाना घी खाना जरूरी है। आप चाहें तो घर पर ही घी बना सकते हैं और दाल और सब्जी में 1-2 चम्मच घी डालकर खा सकते हैं।

10. लहसुन: न्यूट्रिशनिस्ट आकांक्षा की सलाह है कि आपको ठंड के मौसम में लहसुन को चटनी और सलाद में डालकर जरूर खाना चाहिए। लहसुन में ऐलिसिन होता है जो इम्यून प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। रोजाना दाल खाने से सर्दी, जुकाम, खांसी और फ्लू जैसे इंफेक्शन से बचने में मदद मिलती है। (अधिक जानकारी के लिए पढ़ें हमारा कलात्मक सर्दियों में क्या खा रहे हैं।) (न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी परिवर्तनों के बारे में आते हैं।)

टीकाकरण: इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द ही जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही न्यूज़पेपर जिम्मेदार होगा।




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