स्वास्थ्य

पीरियड्स के दौरान तैराकी करना चाहिए या नहीं, जानें एक्सपर्ट्स राय

पीरियड्स में मूड स्विंग भी होता है। ऐसे में तनाव से राहत पानी के लिए तैराकी अच्छा विचार हो सकता है।

पीरियड्स (माहवारी) में अगर पैड की जगह टेम्पॉन या मेन्ट्रुअल कप (मासिक धर्म कप) का इस्तेमाल किया जाए, तो तैराकी (तैराकी) करने से कोई नुकसान नहीं होता है।

  • आखरी अपडेट:5 नवंबर, 2020, 2:31 PM IST

पीरियड्स (माहवारी) के दौरान लड़कियां और महिलाएं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरती हैं। इन दिनों में होने वाली ऐंठन की वजह से वे घर में रहना पसंद करते हैं। ऐसे में पीरियड्स अर्थात मासिक धर्म के समय तैराकी (तैराकी) करने के बारे में आमतौर पर महिलाएं सोचती भी नहीं हैं। उन्हें लगता है कि मासिक धर्म के समय तैराकी करना अस्वास्थ्यकर हो सकता है। मासिक धर्म के दौरान तैराकी करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को अक्सर यह दुविधा बनी रहती है कि ऐसे समय में तैराकी करना उचित है या नहीं। लेकिन एक्पर्ट्स का मानना ​​है कि पीरियड्स के दौरान तैराकी करने में कोई कठिनाई नहीं होती है। उनके मुताबिक अगर पैड की जगह टेम्पॉन या मेन्ट्रुअल कप (मेंस्ट्रुअल कप) का इस्तेमाल किया जाए, तो तैराकी करने से कोई नुकसान नहीं होता है।

myUpchar के अनुसार, तैराकी के समय मेन्ट्रुअल कप या टेम्पॉन ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि पैड्स पानी को सोखते हैं जिसकी वजह से वे मासिक धर्म में निकलने वाले खून को रोकने में असरदार नहीं होंगे। तापमानॉन छोटा रुई का प्लग होता है, जो पीरियड्स के खून को अवशोषित करता है। इसे योनि में डाला जाता है और यह खून को अवशोषित करने के लिए फैल जाता है। इसमें एक छोटा धागा होता है जो योनि से बाहर रहता है। इससे तापमान आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। वहीं, मेन्ट्रुअल कप सिलिकॉन के बने होते हैं। पीरियड्स के दौरान योनि के अंदर एक कप लगाया जाता है। इसे कीटाणुरहित द्वारा दोबार से उपयोग किया जा सकता है। तैराकी के समय पानी का दबाव रक्त प्रवाह को कम कर देता है, लेकिन बलपूर्वक कार्य करने जैसे खांसने, तेजी से हंसने या छींकने से खून निकल सकता है।

इतना ही नहीं जो लोग यह समझते हैं कि पीरियड्स में तैराकी करने पर संक्रमण हो सकता है, तो यहां भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि जहां तैराकी करने जा रहे हैं, वहां का पानी कैसा है। तैराकी करने से पहले पानी की गुणवत्ता जान लें। पानी में क्लोरिन होता है, इसलिए तैराकी के बाद साफ पानी से नहा लें। कुछ महिलाओं को यह भी डर सताता है कि तैराकी से कहीं उन्हें पेट में ज्यादा दर्द न होने लगे या ऐंठन न बढ़ जाए। सच्चाई यह है कि तैराकी और अन्य तीव्रता वाले व्यायाम करने से मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन को दूर करने में मदद मिलती है। व्यायाम करने से एंडोर्फिन नाम का रसायन मस्तिष्क से रिलीज होता है जो प्राकृतिक रूप से दर्द से छुटकारा पाने का काम करता है।यही नहीं पीरियड्स में मूड स्विंग भी होता है। ऐसे में तनाव से राहत पानी के लिए तैराकी अच्छा विचार हो सकता है। myUpchar के अनुसार तैराकी करने से तनाव में राहत मिलती है और दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है। अनुसंधान यह भी बताता है कि तैरना हिप्पोकैम्पल न्यूरोजेनिसिस की प्रक्रिया के माध्यम से मस्तिष्क के तनाव को रोक सकता है।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, मासिक धर्म से जुड़े मिथक और तथ्य पढ़ें। न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।

टीकाकरण: इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द ही जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही न्यूज़पेपर जिम्मेदार होगा।




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