स्वास्थ्य

गोरखमुंडी के सेवन से बढ़ती यौन शक्ति है, इसके फायदे और फायदे

गोरखमुंडी (गोरखमुंडी) एक शीतित जड़ी बूटी (हर्ब) है जो पूरे भारत (भारत) में पाई जाती है, लेकिन दक्षिणी भारत में यह प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। गोरखमुंडी आमतौर पर बरसात के मौसम के अंत में बढ़ने लगती है और सर्दियों के मौसम में इसमें फूल और फल लगते हैं। यह गर्मियों में धान के खेतों में भी पाया जाता है। गोरखमुंडी में औषधीय (औषधीय) गुण होते हैं, जिसका उपयोग आयुर्वेद (आयुर्वेद) और यूनानी चिकित्सा प्रणाली में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया गया है। इसके पौधे के पूरे हिस्से जैसे जड़, फूल और पत्तियां कई रोगों के इलाज के लिए फायदेमंद होते हैं। myUpchar से जुड़े डॉ। लक्ष्म्त्ता शुक्ला का कहना है कि इस पौधे में डाय, बुखार, खांसी से लेकर पेट के रोग, पेट के कीड़े, अपच, पीलिया आदि तक के इलाज के गुण पाए जाते हैं।

आँखों की रोशनी के लिए

गोरखमुंडी का उपयोग कान, नाक और गले के विकार और नेत्र विज्ञान के विभिन्न विकारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके कुछ समय तक सेवन करने से आँखों की रोशनी बढ़ सकती है। गोरखमुंडी के 3-4 ताजे फूल लें और इसे दो चम्मच तिल के तेल में मिलाएं। नियमित सेवन आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही आँखों की लालिमा से भी छुटकारा दिलाएगा।कुष्ठ रोग दूर

यदि कुष्ठ रोग है तो गोरखमुंडी का चूर्ण, नीम की छाल का चूर्ण लें और काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े को सुबह और शाम को पीने से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है।

फोड़े या खुजली में राहत

गोरखमुंडी एक महिला को योनि में दर्द, खुजली या फोड़े-फुंसियों को दूर करने में मददगार होता है। गोरखमुंडी के बीजों को बराबर मात्रा में चीनी के साथ पीसकर ठंडे पानी के साथ दिन में एक बार सेवन करें।

यौन शक्ति बढ़ाता है

गोरखमुंडी की पत्तियों और इसके आवरण को रात में गाय के दूध के साथ सेवन करने से यौन शक्ति बढ़ सकती है। पाउडर का नियमित उपयोग यौन शक्ति को मजबूत बना सकता है।

पाइल्स का इलाज में

गोरखमुंडी का तना और जड़ इसमें सुखा लें और इसका पाउडर बना लें। हर दिन मट्ठे के साथ एक चम्मच चूर्ण का सेवन करने से पल्स यानी बवासीर पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

आंतों के कीड़े खत्म करने में

आंतों के कीड़ों को खत्म करने और बाहर निकालने में यह जड़ी-बूटी बड़े काम की साबित हो सकती है। यह पेट के कीड़ों को निकालने में भी मदद करता है। गोरखमुंडी की जड़ का पाउडर बनाकर दिन में एक बार आधा चम्मच सेवन करें।

सांसों की बदबू से छुटकारा

सांसों की बदबू से छुटकारा पाने के लिए गोरखमुंडी का पाउडर सिरके के साथ लें। इसके लिए गोरखमुंडी पाउडर को सिरके में अच्छे से मिला लें और सुबह-शाम एक चुटकी लें।

पित्ताशय की पथरी को दूर करे

पथरी और पित्ताशय की पथरी को खत्म करने में गोरखमुंडी फायदेमंद है। गर्भाशय, योनि से संबंधित अन्य बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद औषधि है।

गोनोरिया में फायदा

myUpchar के अनुसार सूजाक यानी गोनोरिया यौन संबंधों के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाले सबसे आम रोगों में से एक है। यह एक संक्रमण है जो कि यौन संचारित बैक्टीरिया ‘नेईसेरिया गोनोरिया’ की वजह से फैलता है। यह मूत्रमार्ग, मलाशय या गले को प्रभावित करता है। गोनोरिया और धातु संबंधी विकारों के लिए गोरखमुंडी लाभ दे सकता है। इसके लिए गोरखमुंडी पाउडर का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, गोरखमुंडी के फायदे और नुकसान पढ़ें। न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।




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