स्वास्थ्य

स्वाद के चक्कर में ज्यादा न खाएं मूंगफली, हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट्स

अधिक मात्रा में मूंगफली (मूंगफली) के सेवन से एलर्जी (एलर्जी) की शिकायत हो सकती है। पहले मूंगफली के कुछ दाने खाकर देखें कि सूट कर रहा है या नहीं।

अधिक मात्रा में मूंगफली (मूंगफली) के सेवन से एलर्जी (एलर्जी) की शिकायत हो सकती है। पहले मूंगफली के कुछ दाने खाकर देखें कि सूट कर रहा है या नहीं।

  • आखरी अपडेट:28 अक्टूबर, 2020, 6:36 AM IST

मूंगफली (मूंगफली) का सेवन करना स्वास्थ्य (स्वास्थ्य) के लिए और त्वचा (त्वचा) और बाल (जोड़े) के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व तत्व जैसे विटामिन (विटामिन), खनिज, एंटीऑक्सिडेंट, आवश्यक टीटी एसिड मौजूद होते हैं हैं। मूंगफली सेहत के लिए लाभकारी तो होता है साथ ही इसका स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आता है। कई बार स्वाद के चक्कर में मूंगफली खूब खा जाते हैं। अंजाजा नहीं होता है कि आप इसका बहुत अधिक सेवन कर रहे हैं। हालांकि, इसमें कोई संभावना नहीं है कि मूंगफली सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन फिर भी उन्हें कम मात्रा में खाना बेहतर होता है। इसका कारण यह है कि अधिक मात्रा में मूंगफली खाने के कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं।

myUpchar से जुड़े डॉ। लक्ष्मीनता शुक्ला का कहना है कि ज्यादा मात्रा में मूंगफली के सेवन से सभी की शिकायत हो सकती है। मूंगफली से पहले कभी सभी की शिकार हुई है, तो इसका सेवन से। पहले मूंगफली के कुछ दाने खाकर देखें कि सूट कर रहा है या नहीं। मूंगफली खाने से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। यहीं नहीं अस्थमा का अटैक भी आ सकता है। अस्थमा की समस्या है तो इसका सेवन चरम नहीं करें। वहाँ थायराइड से जूझ रहे लोगों को भी विशेषज्ञ से बात कर ही इसका सेवन करना चाहिए।

त्वचा अगर संवेदनशील है तो मूंगफली ज्यादा खाने से खुजली और रैशेज की समस्या हो सकती है। संवेदनशील त्वचा के लिए मूंगफली घातक है। मुंह में खुजली, गले और चेहरे पर सूजन आदि इसके एलर्जी के ही लक्षण। खजूर से ज्यादा मूंगफली खाने से पेट में गैस और छाती में जलन की समस्या हो सकती है। एसिडिटी की समस्या से पेट की और भी बीमारियां शुरू हो सकती हैं। इसलिए स्वाद के चक्कर में इतना न खाएं कि पेट ही खराब हो जाए।

मूंगफली ज्यादा खा लेने से लिवर की परेशानी भी हो सकती है। अत्यधिक मात्रा में मूंगफली खाने से अफलेटोक्सिन की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है जो कि एक टॉक्सिक पदार्थ है। ये कार्सिनियोजन होता है जो लिवर से जुड़ी बीमारियों को पैदा कर देता है।

मूंगफली में संतृप्त वसा मौजूद होता है, इसलिए जरूरत से ज्यादा मूंगफली खाने से दिल संबंधी बीमारी होने की आशंका अधिक हो जाती है।

गर्म तासीर होने के कारण इसका ठंड के मौसम में सेवन करना उचित है। गर्मी में भूलकर भी इसका सेवन न करें। ऐसे मौसम में ज्यादा सेवन करने से पेट खराब होने की परेशानी भी हो सकती है।

मूंगफली में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा -6 फैटी एसिड होता है जो कि सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर में ओमेगा -3 फैटी एसिड की मात्रा को कम कर देती है। ओमेगा -3 फैटी एसिड शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी होने से हृदय रोग, इन्फ्लेमेशन जैसी समस्याएं हो जाती हैं।

मूंगफली में लेक्टिन बहुत अधिक मात्रा में होता है। यह पचाने में आसान नहीं होता है और रक्त में मौजूद शुगर के साथ मिलकर इन्फ्लेमेशन पैदा करता है और शरीर में सूजन और दर्द होता है। अर्थराइटिस में मूंगफली के इस्तेमाल से बचना चाहिए और कम मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, मूंगफली के फायदे और नुकसान पढ़ें।न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।

टीकाकरण: इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द ही जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही न्यूज़पेपर जिम्मेदार होगा।




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button