स्वास्थ्य

न्यूमोकोकल लगवाते समय ये साइड इफेक्ट्स का ध्यान रखें

न्यूमोकोकल वैक्सीन से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

स्ट्रेप्टोकोकस निमोने (स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया) नामक बैक्टीरिया (बैक्टीरिया) के कारण फेफड़े में संक्रमण हो जाता है। यह कुछ मामलों में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। यह बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी प्रभावित कर सकता है।

  • आखरी अपडेट:28 अक्टूबर, 2020, 6:46 AM IST

नवजात बच्चों में इम्युनिटी (इम्युनिटी) कमजोर होती है, इसीलिए उन्हें कई संक्रामक बीमारियां (संक्रामक रोग) होने का जोखिम रहता है। ऐसे में उन्हें टीकाकरण की आवश्यकता होती है, जिससे उन्हें संक्रमण या किसी अन्य बीमारी को प्रभावित नहीं किया जाता है। इन्फेक्शन में से एक है न्यूमोकोकल, जिसमें फेफड़े में संक्रमण हो जाता है। यह स्ट्रेप्टोकोकस निमोने (स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया) बैक्टीरिया (बैक्टीरिया) के कारण होता है। यह कुछ मामलों में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। यह बच्चों के साथ साथ बुजुर्गों को भी प्रभावित कर सकता है। इस बीमारी के टीकाकरण के लिए अस्पताल जाने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं न्यूमोकोकल वैक्सीन और इसकी खुराक के बारे में-

न्यूमोकोकल वैक्सीन

myUpchar के अनुसार न्यूमोकोकल वैक्सीन से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। यह रोग तब फैलता है जब न्यूमोकोकल रोग के बैक्टीरिया से संक्रमित व्यक्ति छींकते या खांसते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति बीमार पड़ जाए। दुर्लभ मामलों में इस बैक्टीरिया की वजह से प्रकार व्य क्ति में गंभीर समस्याएं जैसे कि निमोनिया, खून में संक्रमण और मेनिनजाइटिस आदि हो सकते हैं। निमोनिया होने पर रोगी को बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मेनिनजाइटिस में रोगी को बुखार, सिरदर्द और गर्दन में अकड़न महसूस होती है। बच्चों में मेनिनजाइटिस रोग होने पर भूख में कमी, उल्टी आना आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं, वहीं खून में संक्रमण होने पर रोगी को ठंड और बुखार की समस्या हो सकती है।

न्यूमोकोकल वैक्सीन की जरूरत

myUpchar के अनुसार न्यूमोकोकल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, जिसके कारण रोगी के फेफड़े, खून, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क आदि गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। चूंकि यह रोग बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित करता है, ऐसे में उन्हें न्यूमोकोकल वैक्सीन की विशेष जरूरत है। न्यूमोकोकल की वैक्सीन दो प्रकार की होती है पहली- ‘पीसीवी -13 वैक्सीन’, जो नवजात शिशु और बुजुर्गों को दी जाती है। पीसीवी -13 वैक्सीन की एक खुराक 65 या इससे अधिक उम्र के लोगों को दी जाती है और दूसरी है ‘पीसीवी -23 वैक्सीन’, जो 2 साल से बड़े बच्चों, बुजुर्गों, बीमार लोगों और धूम्रपान करने वाले लोगों को दी जाती है। यह वैक्सीन धूम्रपान करने वाले 19-64 वर्ष के लोगों को दी जाती है। 2-64 वर्ष के सभी बच्चों और बुजुर्गों में किसी विशेष प्रकार की समस्या होने पर इस वैक्सीन की एक खुराक दी जा सकती है।

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न्यूमोकोकल की वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स
• पीसीवी -13 वैक्सीन में इंजेक्शन वाले स्थान पर सूजन और दर्द, बुखार आना, भूख कम लगना, थकान लगना या ठंड लगना आदि लक्षण हो सकते हैं।

• पीसीवी -23 वैक्सीन देने पर बुखार आने के साथ मांसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है, हालांकि यह लक्षण कुछ ही समय के होते हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, न्यूमोकोकल वैक्सीन क्या है, खुराक, कीमत और साइड इफेक्ट्स पढ़ें।
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