स्वास्थ्य

जेनेरिक मेडिसिन को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रहे अर्जुन देशपांडे हैं

जेनेरिक मेडिसिन अनब्रांडेड फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट के अलावा कुछ नहीं हैं। यह ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इसकी गुणवत्ता और इंपैक्ट एक बिल्कुल एक जैसा है। मूल रूप से यह सिर्फ लोगों को मार्केटिंग सिद्धांतों और विज्ञापनों के जरिए ज्यादा मुनाफा कमाने का सूत्रूला है।

जेनेरिक मेडिसिन अनब्रांडेड फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट के अलावा कुछ नहीं हैं। यह ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इसकी गुणवत्ता और इंपैक्ट एक बिल्कुल एक जैसा है। मूल रूप से यह सिर्फ लोगों को मार्केटिंग सिद्धांतों और विज्ञापनों के जरिए ज्यादा मुनाफा कमाने का सूत्रूला है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:27 अक्टूबर, 2020, 8:15 PM IST

जेनेरिक आधार के संस्थापक व सीईओ अर्जुन देशपांडे ने सोलह वर्ष की उम्र में जेनेरिक मेडिसिन के बारे में लोगों को जागरूक करने शुरू कर दिया था। इसके बाद के वर्ष 2018 से उन्होंने महाराष्ट्र के ताने और मुंबई से इसे बनाने का काम शुरू कर दिया। अब उनका दावा है कि भारत भर में 100 से अधिक स्थानों से वे ये काम कर रहे हैं। इसके लिए पहले उन्होंने मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट, न्यूज आर्टिस्ट्स और हेल्थ कैंप का सहारा लिया था। लेकिन अब वो सीधे तौर पर इस काम को करने जा रहे हैं।

उनके अनुसार जेनेरिक मेडिसिन अनब्रांडेड फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट के अलावा कुछ नहीं हैं। यह ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इसकी गुणवत्ता और इंपैक्ट एक बिल्कुल एक जैसा है। मूल रूप से यह सिर्फ लोगों को मार्केटिंग रणनीतियों और विज्ञापनों के जरिए ज्यादा मुनाफा कमाने का सूत्रूला है।

अर्जुन बताते हैं कि हर साल 26 जनवरी और 15 अगस्त के अवसर पर जेनेरिक आधार स्टोर्स पर विभिन्न नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान उन्हें वरिष्ठ नागरिक भी बहुत मिले। इसके अलावा आम दिनों में जेनरिक आधार स्टोर पर जेनरिक दवाएं 80 प्रति तक की रियायती कीमतों पर प्राप्त हो सकती हैं। उनका कहना है कि हमारे फ्रैंचाइज़ी आउटलेट्स स्टोर्स पर अच्छी वृद्धि हुई है।

बहुत ही नहीं अर्जुन देशपांडे को कई स्थानों पर अब इस सबजेक्ट पर बोलने के लिए भी बुलाया जा रहा है। ये वो उद्यमी राशि सम्मेलन, भारत भर में स्टॉप-अप वेबिनार, कई संस्थान और कॉलेज के कार्यक्रमों, भारतीय फार्मा मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, आईआईटी, केआईआईटी, टीडे एक्स बुलाया जा चुका है। उनका कहना है कि पीएम मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के नारे से काफी ऊर्जा मिली है। साथ ही ‘लोकल’ के लिए ‘वोकल’ होने वाली बात ने भी उनका उत्साह बढ़ा दिया ।र्जुन देशपांडे कहते हैं, ” महाराष्ट्र से 100 शहरों तक पहुंचने के वादे को महज 4 महीने में पूरा करने पर खुशी महसूस होती है और आने वाली है। साथ वर्षों में इस सूची में अपने 20 जेनेरिक आधार उत्पादों को लॉन्च करने से खुशी भी महसूस होती है। जब लाखों लोग महामारी में अपनी नौकरी खो रहे थे, मैं पूरे भारत में रोजगार के अवसर पैदा कर रहा था। “




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